हर किसी की जिंदगी में बहुत सारे छोटे बड़े पड़ाव जरूर आते है , कुछ पड़ाव हमे याद नहीं रहते और कुछ पड़ाव हमारी जिंदगी बदल देते है। ऐसी ही एक कहानी है सीमा की , कक्षा नौ में आगयी थी इस साल। पढ़ाई में भी वो अच्छा कर रही थी हॅसमुख स्वाभाव की थी सीमा। उसकी बातें सबका मान मोह लेती थी। शरारते भी वो बहुत करती थी इधर से उधर फुदकते ही रहती थी , माँ उसको कितना समझाती की अब बड़ी हो गयी है थोड़ा घर का काम सीख ले या यह उछलना कूदना थोड़ा काम कर पर सीमा किसी की भी नहीं सुनती थी। ऐसे ही सीमा के साथ वक़्त भी बढ़ रहा था यह वक़्त वो वक़्त था जब हर लड़की के जीवन में आते है , जब लड़की के शरीर के कुछ अंग में बदलाव आता है। ऐसा बदलाव तो उस वक़्त समझना बहुत ही मुश्किल है , या सच कहे तो उस बदलाव को समझाने वाला ही कोई नहीं होता। सीमा के शरीर में भी बदलाव आ रहे थे वो अब एक बच्ची से युवा होने जा रही थी। पर उसको इस महत्यपूर्ण पड़ाव के बारे में नहीं पता था वो अपने ही शरीर से नफरत करने लगी थी। सीमा को खुद का ही सीना बढ़ता हुआ दिख रहा था , ऐसा...



